सोमवार, 16 अगस्त 2021

खेजड़ली को विश्व धरोहर का दर्जा दिलवाने को लेकर अभिनव राजस्थान पार्टी

 खेजड़ली को विश्व धरोहर का दर्जा 

खेजड़ली को विश्व धरोहर का दर्जा दिलवाने को लेकर अभिनव राजस्थान पार्टी ने दिया ज्ञापन
खेजड़ली को विश्व धरोहर का दर्जा 

आज अभिनव राजस्थान पार्टी जोधपुर द्वारा "खेजड़ली" को विश्वधरोहर घोषित करवाने हेतु मुख्य वन संरक्षक, वन विभाग जोधपुर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। 
खेजड़ली को विश्व धरोहर का दर्जा दिलवाने को लेकर अभिनव राजस्थान पार्टी ने दिया ज्ञापन
खेजड़ली को विश्व धरोहर का दर्जा 

जिसमें पार्टी के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष इंद्रसिंह जी मांगलिया के नेतृत्व में जिले भर से कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि 1730 ईस्वीं में अमृता देवी विश्नोई के नेतृत्व में 363 लोग पेड़ों को बचाने के खातिर शहीद हो गए जो पर्यावरण संरक्षण का विश्व का सबसे अनूठा उदाहरण है। 

जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि राजस्थान सरकार इस हेतु यूनेस्को को अनुशंसा भेजे। 

ऐसा होने से राजस्थान व भारत का मान पूरी दुनिया में बढेगा तथा यहाँ पर्यटन बढ़ने से इस क्षेत्र का विकास होगा। 

पूरे जिले भर सर पार्टी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों हेमराज भींचर, कैलाश टेलर, देदाराम नैण, श्रीराम बिश्नोई, रुघाराम ग्वाला, सुभाष जलवानियाँ, खेतसिंह राठौड़, नाथूराम भँवरिया, हीरालाल पटेल, सुभाष,वगताराम माली, सुखवीर भाम्बू, मोहित विश्नोई, कविता चौधरी, हर्ष गुर्जर, किशन गहलोत, आईदान सिंह राठौड़, राजूराम सोउ,ओमप्रकाश सारण, दिनेश अहलावत, सोहन गोदारा फींच आदि ने भाग लिया।

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गुरुवार, 10 जून 2021

Barkat ke phed , ke upay roj karegi upay बरगद पेड़ के आपके जीवन में कोई समस्या है, कोई परेशानी नहीं कट रही है,तो बरगद के कुछ टोटके या उपाय किए जाते हैं।

 शकुन शास्त्र में सनातन और ज्योतिष परंपरा के साथ बरगद से जुड़े कई उपाय भी बताए गए हैं। अगर आपके जीवन में कोई समस्या है, 

कोई परेशानी नहीं कट रही है, तो बरगद के कुछ टोटके या उपाय किए जाते हैं।

 बरगद के टोटके और उपाय शकुन शास्त्र में सनातन और ज्योतिष परंपरा के साथ बरगद से जुड़े कई उपाय भी बताए गए हैं।

 अगर आपके जीवन में कोई समस्या है, कोई परेशानी नहीं कट रही है, तो बरगद के कुछ टोटके या उपाय किए जाते हैं।

 इससे उन समस्याओं का समाधान हो सकता है। जानिए बरगद के लिए किए जाने वाले ज्योतिषीय उपाय- वट सावित्री व्रत के दिन वट वृक्ष की पूजा करें और मनचाहा धागा उसके चारों ओर लपेट दें।

 किसी भी शनिवार के दिन बरगद पर हल्दी और केसर चढ़ाने से व्यापार में उन्नति के योग बन सकते हैं।

Problems can be solved. Know the astrological remedies to be done for Banyan - Worship the Vat tree on the day of Vat Savitri fast

 अगर घर में ऊपरी हवा में कोई रुकावट हो तो अमावस्या के दिन एक नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर बरगद पर लटका दें और पूरे घर में घूमें। आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा। 

हर शाम बरगद के नीचे शुद्ध घी का दीपक लगाएं और भगवान विष्णु का ध्यान करें। इससे आपकी समस्याओं का समाधान हो सकता है। 

मंगलवार के दिन 11 बरगद के पत्तों को धोकर साफ पानी से धो लें। 

उन पत्तों पर केसर से श्रीराम लिखकर माला बना लें।

 यह माला हनुमानजी को अर्पित करें।

बरगद के पेड़ के नीचे स्थापित शिवलिंग की प्रतिदिन करें पूजा, सुख में कमी नहीं होगी।

 बरगद या पीपल के नीचे हनुमान चालीसा का पाठ करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। डर कभी नहीं होगा।

 यदि किसी व्यक्ति का रोग लंबे समय से ठीक नहीं हो रहा है तो बरगद की जड़ को तकिये के नीचे रखें, स्वास्थ्य लाभ मिलने लगेगा। 

शनिवार के दिन बरगद के पेड़ के नीचे सुपारी और एक सिक्का रखें, व्यापार में उन्नति होगी।

 बरगद के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाने से बहुत जल्द व्यापार में लाभ होता है और व्यापार के क्षेत्र में फंसा हुआ धन वापस आता है।

 बरगद के पेड़ की शाखा को घर में रखना शुभ माना जाता है, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और साथ ही आप बरगद के पेड़ की शाखा को कार्यालय में भी रख सकते हैं, वहां भी लाभ होता है।

 बरगद के पेड़ पर सफेद सूती धागा 11 बार बांधकर जल चढ़ाएं, इससे घर की दरिद्रता का नाश होता है।

 शनिवार के दिन बरगद के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए, बरगद के पेड़ की पूजा करने से लाभ मिलता है।

 यदि आप गृह क्लेश से परेशान हैं तो बरगद के पेड़ पर कपूर और लौंग जलाएं, इससे गृह क्लेश से मुक्ति मिलती है।

 मंगलवार के दिन 11 बरगद के पत्तों पर हनुमान जी को सिंदूर से राम लिखकर घर में स्थापित करें, इसे आप पूजा स्थल पर भी रख सकते हैं।

 यदि आप भय-ऊपरी बाधा, दरिद्रता से परेशान हैं तो आज बरगद से ज्योतिष उपाय करें , लाभ मिलेगा

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बुधवार, 19 मई 2021

Jal ko sev Karen jal hi jivan hai jal hai to kal hai water save Earth saving

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हमें जलाशय प्रिय लगता है, ये सब जीवन के रखवाले हैं। बादल अमृत - बाढ़, पोखर झील या हो ताल। जहां इनमें से बहुत कुछ है, वहां अकाल नहीं होता है। ये हैं सुकल के पुल, इन्हीं से सबका अपना है। हम एक जलाशय की तरह महसूस करते हैं।

कुछ लोग पानी की पूजा करते हैं, वे पूजा करने आते हैं। कुछ शाम, तर्पण, उपवास, दीप-नाव तैरा। धर्म - इन सितारों को विश्वास, जीवन हंसता है - द्वार - द्वार। हम एक जलाशय की तरह महसूस करते हैं। दूसरों का हित संचित करो, कभी भी अपना पानी मत पिओ। कूपे, बावड़ी, कुई-कुंड ये, इस धरती के अनुपम दानी। खुशियों के ये हाथ, पंछी आकर पंख फैलाते हैं। हम एक जलाशय की तरह महसूस करते हैं।


इनकी रक्षा और सुरक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। उनका क्रोध आ सकता है, कष्ट हर जीव पर भारी पड़ता है। उन सभी के सहयोग से हम एक जलाशय की तरह महसूस करते है। सौ भाई थे और सैकड़ों उनके मित्र। पांडवों के पांच भाई थे और उनके कई दोस्त भी थे। कौरवों ने धोखा दिया और पांडवों को राज्य के उनके अधिकार से वंचित कर दिया।

 उन्होंने कई बार उनकी हत्या की कोशिश भी की थी। अंत में उनके बीच युद्ध की घोषणा की गई। यह कैसा युद्ध था! भाई - भाई के खिलाफ, भतीजे - काका के खिलाफ, भतीजे - मामा के खिलाफ, पोते, दादा - नाना के खिलाफ - मरने के लिए मैदान में पड़े थे। अर्जुन पांडवों में एक उत्कृष्ट धनुर्धर था। इससे कौरवों को बहुत कष्ट हुआ। एक दिन कौरवों ने ऐसी योजना बनाई कि अर्जुन को अकेले लड़ने के लिए युद्ध के मैदान के दक्षिण में जाना पड़ा।



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